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जौनपुर के पत्रकार से वाराणसी में मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप,FIR के लिए थाने का चक्कर काट रहा पीड़ित

 



रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय


वाराणसी।फूलपुर थाना क्षेत्र में जौनपुर निवासी पत्रकार शेषमणि गौतम के साथ कथित मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है।आरोप है कि कार सवार दो युवकों ने बाइक से जा रहे पत्रकार का रास्ता रोककर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।पीड़ित ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है,लेकिन उनका आरोप है कि घटना के अगले दिन थाने पहुंचने के बावजूद उन्हें एफआईआर दर्ज होने के बजाय जांच का हवाला देकर टाल दिया गया।इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



पीड़ित शेषमणि गौतम,निवासी नेवढ़िया जनपद जौनपुर के अनुसार,घटना 1 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:25 बजे ग्राम पंचायत बहुतरा के मुख्य मार्ग की है।वह मोटरसाइकिल से जा रहे थे,तभी मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (नंबर UP 65 EV 8068) सवार दो युवकों ने बाइक के सामने गाड़ी लगाकर उनका रास्ता रोक लिया।आरोप है कि युवकों ने पहले उनका नाम और पता पूछा।जैसे ही उन्होंने अपना नाम शेषमणि गौतम बताया,उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी गई और फिर मारपीट की गई।


पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनकी सोने की चेन गायब हो गई और चश्मा टूटकर गिर गया।उनके साथ मौजूद सुरेश कुमार भारती और आसपास के ग्रामीणों को आते देख आरोपी कार से बहुतरा गांव की ओर भाग निकले।घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी।पीड़ित द्वारा ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर एक आरोपी की पहचान करन उर्फ बजरंगी पुत्र रविशंकर सिंह के रूप में बताई गई है,जबकि दूसरे की पहचान अभी नहीं हो सकी है।


पीड़ित का कहना है कि उन्होंने फूलपुर थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की।आरोप है कि अगले दिन थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मी सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और पहले मामले की पड़ताल करने की बात कहते रहे।


पीड़ित का यह भी दावा है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि संबंधित युवक अक्सर मारपीट करते हैं।हालांकि,इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।अब सवाल यह है कि गंभीर आरोपों के बावजूद पीड़ित को कार्रवाई के लिए थाने के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं?क्या पुलिस ने शिकायत पर कोई विधिक कार्रवाई की है या मामला अभी जांच तक ही सीमित है?फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।पीड़ित ने निष्पक्ष जांच,मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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