रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर वाराणसी में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गाजीपुर निवासी चंद्रजीत सिंह यादव ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की है। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षकों, युवाओं और आम मतदाताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। चंद्रजीत सिंह यादव ने अपने प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वह वाराणसी में दो बार जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने उप शिक्षा निदेशक और कार्यवाहक संयुक्त शिक्षा निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में वह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए। यादव ने कहा कि स्नातक एमएलसी के रूप में निर्वाचित होने पर उनका प्रयास रहेगा कि शिक्षकों, युवाओं और आम मतदाताओं की समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाया जाए। उन्होंने सिटीजन चार्टर के तहत लोगों की समस्याओं का निर्धारित समयसीमा में समाधान सुनिश्चित कराने की मांग उठाने की बात कही। इसके साथ ही वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिलाने और पुरानी पेंशन योजना लागू कराने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत करने तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध होने तक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग को सदन में रखने की बात कही। चंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि मतदाताओं की समस्याओं का समाधान कराने और उनकी आवाज को उचित मंच तक पहुंचाने की भी होती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर वह बिना किसी दबाव के नियम-कानून के दायरे में रहकर शिक्षकों, युवाओं और आम मतदाताओं के हितों के लिए आवाज उठाएंगे। अंत में उन्होंने स्नातक मतदाताओं से अपील की कि वे किसी दबाव या प्रभाव में आए बिना स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करें और अपने विवेक के आधार पर मतदान करें।

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