रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।पांडेयपुर चौराहा स्थित ओवरब्रिज के नीचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के खिलाफ लगाए गए कथित आपत्तिजनक पोस्टरों को लेकर सपा छात्र सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इस संबंध में कार्यकर्ताओं ने लालपुर-पांडेयपुर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा और पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर आपत्तिजनक पोस्टरों के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने सवाल उठाया कि वाराणसी जैसे शहर में, जहां विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पोस्टर लगाने वालों की पहचान अब तक क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने, पोस्टर लगाने वालों का पता लगाने और इसके पीछे हुई कथित फंडिंग की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए पोस्टर विवाद को हवा दी जा रही है। इस दौरान छात्र नेताओं ने उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में दिल्ली की तर्ज पर जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर प्रदान करते हैं। सपा नेताओं ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि जनता राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रख रही है। ज्ञापन देने वालों में सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष राहुल सोनकर, राष्ट्रीय सचिव रजत सिंह, प्रदेश सचिव अनिल यादव, प्रदेश सचिव आलोक यादव, लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विपिन यादव और अधिवक्ता आलोक पाण्डेय शामिल रहे। वहीं, प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रार्थनापत्र प्राप्त हुआ है।मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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