रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। पुश्तैनी जमीन के दाखिल-खारिज के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन वाराणसी मंडल की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी मुंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी डीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह, वाराणसी के रूप में हुई है। वह क्षेत्रीय लेखपाल कुन्दन सिंह का निजी मुंशी बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को शिवपुर थाना क्षेत्र के जैपार (उन्दी) निवासी कमल कान्त विक्रम पुत्र ओमप्रकाश सिंह ने एंटी करप्शन वाराणसी मंडल कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता ओमप्रकाश सिंह ने पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस मामले में रिपोर्ट लगाने के एवज में क्षेत्रीय लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद 22 सितंबर को शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि लेखपाल ने अपना निजी मुंशी अशोक का नंबर शिकायतकर्ता को देने और उससे मिलने के लिए भेजने की बात कही। इसके बाद अशोक ने फोन कर शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के अंदर स्थित इंडियन बैंक के पास बुलाया। आरोप के मुताबिक, वहां अशोक ने दाखिल-खारिज की रिपोर्ट के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रकम प्राप्त कर ली। इसी दौरान मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोपहर करीब 1:41 बजे अशोक को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। बताया गया कि आरोपी के मोबाइल फोन में अशोक और लेखपाल कुन्दन सिंह के बीच रिश्वत के लेन-देन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसे साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पूछताछ में अशोक ने कथित तौर पर बताया कि लेखपाल ने उसे पूरा मामला समझाकर रिश्वत लेने के लिए भेजा था। मामले में वांछित लेखपाल कुन्दन सिंह, जो वर्तमान में तहसील सदर के सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में तैनात हैं, की तलाश तहसील सदर सहित अन्य संभावित स्थानों पर की गई, लेकिन वह नहीं मिले। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना कैंट, कमिश्नरेट वाराणसी में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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