रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ वाराणसी में लगाए गए कथित आपत्तिजनक पोस्टरों को लेकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ता एवं सपा प्रदेश सचिव राजू यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं का आरोप है कि पांडेयपुर ओवरब्रिज, सिगरा थाने के पास समेत शहर के अन्य स्थानों पर अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर लगाए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी राजनीतिक नेता को लेकर आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना उचित नहीं है। राजू यादव ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पोस्टर लगाने वालों के साथ-साथ उन्हें तैयार कराने, छपवाने और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाने में शामिल लोगों की भी पहचान की जाए। उन्होंने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की, ताकि पूरे मामले की कड़ी सामने आ सके। राजू यादव ने कहा कि यदि जांच में किसी राजनीतिक दल अथवा उसके कार्यकर्ताओं की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मामले में चुप नहीं बैठेगी और यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगी। सपा नेता अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि कानून का शासन सभी के लिए समान होना चाहिए और सत्ता पक्ष अथवा विपक्ष किसी को भी सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक एवं भ्रामक प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से पोस्टर हटाने की कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए इसके पीछे शामिल पूरी कड़ी की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता राजू यादव, अतुल श्रीवास्तव, अधिवक्ता विकास यादव, दीपचंद गुप्ता, रमाकांत जायसवाल, अधिवक्ता संतोष यादव, मिथलेश साहनी, मनोज यादव, अधिवक्ता विभव शंकर तिवारी, अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ, बाबू खान, हिमांशु यादव, पूर्व पार्षद सूरज यादव समेत अन्य लोग शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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