प्रधानाध्यापकों को 2 दिन में देना होगा जवाब, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश
विकास खण्ड पिपरौली में शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रार्थना-पत्रों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का मामला सामने आया है। खण्ड शिक्षा अधिकारी देवी प्रसाद दूबे ने इस पर सख्ती दिखाते हुए सभी प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर 2 कार्य दिवस में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
बीईओ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विद्यालयों के शिक्षक समय-समय पर ऑनलाइन माध्यम से अवकाश के लिए प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं, लेकिन प्रधानाध्यापक स्तर से न तो उन्हें समयबद्ध तरीके से अग्रसारित किया जा रहा है और न ही स्वीकृत/अस्वीकृत किया जा रहा है। अधिकांश प्रार्थना-पत्र महीनों से लंबित पड़े हैं।
पत्र में इसे केवल प्रशासनिक शिथिलता नहीं बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली और शासनादेशों का प्रत्यक्ष उल्लंघन बताया गया है। बीईओ ने स्पष्ट किया कि अवकाश प्रार्थना-पत्रों का समय से निस्तारण करना प्रधानाध्यापक का दायित्व है। बिना ठोस कारण के प्रकरणों को लटकाए रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
बीईओ ने दिए ये 3 निर्देश
1. तत्काल निस्तारण: लंबित सभी अवकाश प्रार्थना-पत्रों की जांच कर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
2. स्पष्टीकरण तलब: प्रत्येक लंबित प्रकरण का कारण स्पष्ट करते हुए लिखित स्पष्टीकरण 2 कार्य दिवस के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए।
3. पुनरावृत्ति न हो: भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण न मिलने या संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी

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