रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में किशोर मजदूर की मौत के बाद मामला और गरमा गया है।घुरहूपुर निवासी विकास उर्फ विक्की राजभर की निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से हुई मौत के करीब नौ दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन और ग्रामीण सारनाथ थाने पहुंच गए।महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने थाने के बाहर धरना देते हुए मकान मालिक और ठेकेदार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।मृतक के पिता दिनेश राजभर की तहरीर पर पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है,लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।सूचना पर पहुंचे कार्यवाहक थाना प्रभारी अनुज शुक्ला ने ग्रामीणों को समझाते हुए 48 घंटे में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया,जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।इस बीच मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है।बताया जा रहा है कि जिस भवन में हादसा हुआ,वह बिना नक्शा पास कराए बनाया जा रहा था और अवकाश के दिन चोरी-छिपे छत की ढलाई कराई जा रही थी।शिकायत मिलने पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की टीम ने मौके पर पहुंची और निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया।
घटना के बाद नाबालिगों से निर्माण कार्य जैसे खतरनाक काम कराए जाने और बालश्रम के मुद्दे पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



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