टीबी मुक्त भारत अभियान में पालघर जिले में पहल
पालघर
जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पालघर जिले में जिलास्तरीय क्षयरोग मंच तथा क्षयरोग सह-व्याधि समीक्षा बैठक 16 फरवरी को जिलाधिकारी डॉ. इंदुराणी जाखड की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक्स-रे जांच, न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (एनएएटी), मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) मरीजों की स्थिति, उपचार प्रगति, दवा उपलब्धता एवं भंडारण जैसे विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इंदुराणी जाखड तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने स्वयं निक्षय मित्र बनकर 10 टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त खाद्यान्न टोकरी वितरित की। साथ ही बी-पाल्म (B-PaLM) उपचार पूरा कर पूर्णतः स्वस्थ हुए मरीजों को ‘टीबी चैंपियन’ के रूप में सम्मानित किया गया।
जागरूकता, संवाद एवं सामाजिक सहभाग (एसीएसएम) कार्यक्रम के तहत सभी क्षयरोग मंच सदस्यों को टीबी मुक्त भारत अभियान के लोगो वाले पेन-स्टैंड प्रदान कर अभियान को निरंतर स्मरण रखने का संदेश दिया गया।
वर्तमान में पालघर जिले में कुल 2653 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 850 मरीजों को अब तक 3584 प्रोटीन युक्त खाद्यान्न टोकरियां वितरित की गई हैं। अभियान शुरू होने से अब तक जिले में कुल 6945 टोकरियां वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें से केवल वर्ष 2025 में ही 3584 टोकरियां वितरित की गईं। इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न कंपनियों ने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) के तहत सक्रिय सहभागिता दर्ज की है।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत क्षयरोग मरीजों को दवा के साथ पोषण सहायता भी आवश्यक होती है। सरकार द्वारा मरीजों को प्रति माह 1000 रुपये की पोषण सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा कोई भी नागरिक, समाजसेवी संस्था, उद्योग समूह, जनप्रतिनिधि या अधिकारी निक्षय मित्र बनकर मरीजों को उपचार अवधि के दौरान प्रोटीन युक्त खाद्यान्न टोकरी प्रदान कर सीधी सहायता कर सकता है।
जिलाधिकारी डॉ. इंदुराणी जाखड ने अधिक से अधिक नागरिकों से निक्षय मित्र बनने और टीबी मरीजों को सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने सामूहिक सहभागिता से पालघर जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष चौधरी, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रामदास मराड, सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. शशिकांत सालुंके सहित सभी मेडिकल अधीक्षक, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी, पंचायत विभाग के अधिकारी, खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग के प्रतिनिधि तथा वेदांत मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विभाग प्रमुख डॉ. घोरपडे (ऑनलाइन माध्यम से) और सभी समूह विकास अधिकारी उपस्थित थे।

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