रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
थाना क्षेत्र सारनाथ में 14 वर्षीय किशोरी से कथित छेड़छाड़ के प्रयास और उसके माता-पिता से मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है।मामले में कार्रवाई को लेकर सारनाथ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।पीड़ित परिवार ने पुलिस पर विपक्षियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता मां द्वारा दिए गए तहरीर के अनुसार,15 फरवरी की देर रात उनकी नाबालिग पुत्री घर में सो रही थी।वह शौच के लिए बाहर निकली,तभी पड़ोस में रहने वाले पउवा नामक युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया और मुंह दबाकर अपने कमरे में ले जाने का प्रयास किया।किशोरी के चिल्लाने की आवाज सुनकर माता-पिता मौके पर पहुंचे और अपनी पुत्री को छुड़ाने लगे।
आरोप है कि इसी दौरान आरोपी पउवा के साथ ईशा और लखन उर्फ बकरुद्दीन भी वहां पहुंच गए।तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों से पीड़िता और उसके पति की पिटाई कर दी।शोर सुनकर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो आरोपी पक्ष मौके से फरार हो गया।
पीड़िता का कहना है कि मारपीट में उसे और उसके पति को गंभीर चोटें आई हैं।जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे।घटना के बाद पीड़िता ने सारनाथ थाने में लिखित प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।
परिजनों का आरोप है कि लिखित सूचना देने के बावजूद सुबह से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।परिवार का कहना है कि पुलिस विपक्षी पक्ष के दबाव में है,जिसके कारण मामले में ढिलाई बरती जा रही है।इससे परिवार दहशत में है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
इस संबंध में सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।अब क्षेत्र की जनता की निगाहें सारनाथ पुलिस पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर प्रकरण में कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है।

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