रिपोर्ट: ओम प्रकाश राय
लखनऊ
लखनऊ–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही एलिवेटेड रोड लगभग पूर्णता की ओर है और मार्च से इस पर यातायात शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह मार्ग जाम से राहत देने और लखनऊ से कानपुर की दूरी कम करने के उद्देश्य से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर पिलरों पर तथा कुछ स्थानों पर समतल रूप में तैयार किया गया है।
हालांकि, थाना बंथरा से जुनाबगंज के बीच लगाए गए नए सांकेतिक बोर्डों में कुछ गांवों के नाम गलत लिखे जाने से स्थानीय लोग भ्रमित हो रहे हैं। जुनाबगंज के पास मोहनलालगंज रोड पर स्थित गांव “खसरवारा” को बोर्ड पर “खसरवाढा” लिखा गया है। वहीं बंथरा के समीप स्थित “रामचौरा” गांव का नाम “राम चोरा” अंकित किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गलत नाम लिखे जाने से आने-जाने वाले लोग भ्रमित हो रहे हैं और यह चर्चा चल रही है कि क्या गांवों के नाम बदल दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सांकेतिक बोर्डों को तत्काल दुरुस्त कर गांवों के सही और प्रचलित नाम ही अंकित किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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