लखनऊ
रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
लखनऊ 23 जनवरी 2026,नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में शाम 6 बजे से ब्लैकआउट मॉकड्रिल शुरू हो गई है।राज्य के सभी 75 जिलों में एक साथ यह अभ्यास चल रहा है,जिसमें लगभग 10 मिनट तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी और हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जा रहे हैं।सिविल डिफेंस विभाग द्वारा आयोजित इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों—खासकर हवाई हमले,युद्ध या अन्य सुरक्षा खतरों—से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास है,इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।नागरिकों से अपील की गई है कि वे सहयोग करें,घरों और दुकानों की लाइटें बंद रखें और सायरन सुनकर शांत रहें।
क्या हो रहा है इस दौरान?
- शाम 6 बजे से 2 मिनट तक हाई और लो टोन में एयर रेड सायरन बज रहे हैं।
- 6:00 से 6:10 बजे तक चयनित क्षेत्रों में ब्लैकआउट लागू, बिजली कट रही है।
- पुलिस लाइन,सार्वजनिक स्थानों और महत्वपूर्ण इमारतों पर रेस्क्यू,अग्निशमन,प्राथमिक उपचार और बचाव अभ्यास।
- NDRF,SDRF,फायर ब्रिगेड,पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें सक्रिय।
- कुछ जगहों पर ड्रोन मॉनिटरिंग और यातायात नियंत्रण भी।
रिहर्सल और तैयारी
कल लखनऊ पुलिस लाइन में रिहर्सल किया गया था,जहां धमाकों,घायलों,आग लगने,इमारत ढहने और फंसे लोगों के रेस्क्यू के सीन दिखाए गए थे।सिविल डिफेंस चीफ अमरनाथ मिश्रा ने कहा था कि यह पूरी प्रैक्टिस वास्तविक हमले जैसी स्थिति की नकल है।
जनता के लिए संदेश
प्रशासन ने दोहराया है:"यह मॉकड्रिल है, असली खतरा नहीं।"वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी जिलाधिकारियों,पुलिस और बिजली विभाग को निर्देश दिए हैं कि अभ्यास सुचारू रूप से चले।सभी शहरों में यह अभ्यास चल रहा है—लाइट्स बंद रखें,सायरन पर ध्यान दें और शांत रहें।
यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने और जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है।नेताजी की जयंती पर यह सिविल डिफेंस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।




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