मोतिहारी
जावेद आलम की रिपोर्ट
दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के लिए कोर्ट से आदेश लेने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
घोड़ासहन। पूर्वी चम्पारण जिले के घोड़ासहन प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को पंचायत सरकार भवन में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित नियमों में बदलाव के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्रामीण कार्यपालक सहायक का घेराव करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मांग थी कि दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को पहले की तरह सरल बनाया जाए।
ग्रामीणों का कहना था कि नए नियम के तहत दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को मोतिहारी न्यायालय से आदेश प्राप्त करना पड़ेगा । इससे गरीब परिवारों को आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ काफी भागदौड़ करनी पड़ेगी
मौके पर पहुंचे मुखिया उदय सोनम जायसवाल ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न्यायालय से आदेश लेने की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा पूर्व में लागू प्रक्रिया के अनुसार ही प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था बहाल की जाए।
मुखिया उदय सोनम जायसवाल ने इस संबंध में विभागीय पदाधिकारी को पत्र लिखकर पूर्व की प्रक्रिया के तहत जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि न्यायालय से आदेश लेने की प्रक्रिया में गरीब परिवारों को काफी परेशानी होगी। उनके अनुसार, एक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में गरीब अभिभावकों को पांच से दस हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
प्रदर्शन में उदेश यादव, गणेश बैठा, शम्भू सिंह, चंदन यादव, बृजकिशोर ठाकुर, सन्नी सावन, सविता देवी, मीरा देवी, महेश यादव समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल बनाने और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।



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