पहले मोती की अंगूठी लौटाकर जीता भरोसा,फिर सोने की अंगूठी लेकर चंपत;मांगने पर बेशर्मी से बोला—‘पेट काटकर ले लो’
रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।काशी में साधु के वेश में आए एक शख्स पर झाड़फूंक के नाम पर भरोसा जीतकर ठगी करने का आरोप लगा है।थाना लालपुर-पांडेयपुर क्षेत्र के पांडेयपुर में कथित साधु ने पहले मोती की अंगूठी लेकर वापस की,फिर सोने की अंगूठी पर हाथ साफ कर दिया।जब पीड़ित ने अपनी अंगूठी वापस मांगी तो कथित तौर पर जवाब मिला—“अंगूठी खा गए,अगर लेना चाहते हो तो पेट काटकर ले लो।”इस जवाब के बाद आरोपी मौके से निकल गया और पीड़ित हाथ मलते रह गए।पीड़ित श्याम कुमार सिंह निवासी पांडेयपुर के अनुसार,घटना 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:10 बजे की है।उनका मकान दुकान के ऊपर है।इसी दौरान साधु के वेश में एक व्यक्ति पहुंचा और चाय-पानी पिलाने को कहा।पीड़ित ने परिवार के सदस्य से चाय बनाने के लिए कहा।आरोप है कि परिवार का सदस्य नीचे आया तो कथित साधु ने उसे वापस ऊपर जाने के लिए कह दिया।इसके बाद झाड़फूंक के बहाने उसने पहले मोती की अंगूठी मांगी और कुछ देर बाद लौटा दी।यही चाल पीड़ित का भरोसा जीतने में काम आई।फिर उसने सोने की अंगूठी मांगी,लेकिन इस बार उसे वापस नहीं किया।पीड़ित ने जब अंगूठी मांगी तो कथित साधु ने उल्टा ऐसा जवाब दिया कि मामला ठगी के आरोप तक पहुंच गया।पीड़ित के मुताबिक,सोने की अंगूठी का वजन करीब चार ग्राम था और अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये है।आसपास तलाश करने पर भी आरोपी का पता नहीं चला।इसके बाद पीड़ित ने थाना प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।अब बड़ा सवाल—क्या साधु का भेष धारण कर किसी का भरोसा जीतना और फिर कथित तौर पर उसकी कीमती अंगूठी लेकर निकल जाना इतना आसान है?पुलिस के सामने चुनौती है कि शिकायत की जांच कर आरोपी की पहचान करे और अंगूठी की बरामदगी के लिए जरूरी कदम उठाए।

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