द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में चला विशेष स्वच्छता अभियान, स्वच्छ परिसर का लिया संकल्प
सहजनवा
दीपक शुक्ला की रिपोर्ट
सहजनवां, गोरखपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के तहत गुरुवार को द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लुचुई, सहजनवां में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ करीब एक घंटे तक श्रमदान करते हुए विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की। विद्यार्थियों ने स्वयं आगे बढ़कर परिसर के विभिन्न हिस्सों में फैले कूड़े-कचरे को एकत्र किया और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
अभियान के दौरान विद्यालय परिसर के कक्षों, रास्तों, मैदान और आसपास के अन्य स्थानों की सफाई की गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर कूड़ा-कचरा एकत्र किया तथा परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने में अपना योगदान दिया। इस दौरान विद्यार्थियों में स्वच्छता को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
स्वच्छता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ विद्यालय ही स्वस्थ और बेहतर समाज की नींव रखता है। केवल विशेष अवसरों पर सफाई करने के बजाय प्रतिदिन अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों ने स्वच्छ परिसर, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जीवन का संस्कार और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को मिलने वाले संस्कार उनके पूरे जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि स्वच्छता की आदत विद्यालय से विकसित होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार और समाज तक पहुंचता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। कूड़ा इधर-उधर न फेंकने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को स्वच्छता के साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। शिक्षकों ने कहा कि स्वच्छता अभियान का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब विद्यार्थी सफाई को केवल कार्यक्रम न समझकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
विद्यालय परिसर में चले इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के सामूहिक श्रमदान ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया। अभियान के अंत में सभी ने स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।





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