मोतिहारी
जावेद आलम की रिपोर्ट
घोड़ासहन। पूर्वी चम्पारण के झरौखर थाना क्षेत्र के पीठवा गांव निवासी सरफुद्दीन हवारी की तमिलनाडु में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह रोजी-रोटी के सिलसिले में तमिलनाडु गए थे। मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव घर पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उपलब्ध पुलिस एवं पोस्टमार्टम दस्तावेज के अनुसार, घटना तमिलनाडु के करूर जिले के वेलायुथमपालायम थाना क्षेत्र में हुई। एफआईआर के मुताबिक 16 सितंबर 2026 की रात मजदूरों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान *सादरे आलम और जलाउद्दीन सहित पांच लोगों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है*। घायल होने के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सरफुद्दीन की मौत हो गई।
मामले में सदरे आलम की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में आफताब आलम उर्फ इमरान खान, सुभाष, मियां शेराजुल मिया, जलाउद्दीन और साहिल आलम के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पोस्टमार्टम दस्तावेज में पुलिस क्राइम नंबर 329/26 तथा धारा 103(1) बीएनएस का उल्लेख है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में लगी चोट के प्रभाव से संबंधित बताया गया है। रिपोर्ट में विसरा के रासायनिक विश्लेषण का परिणाम लंबित होने की बात भी दर्ज है। पोस्टमार्टम 19 सितंबर 2026 को किया गया था।
परिजनों का कहना है कि सरफुद्दीन परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तमिलनाडु में मजदूरी करने गए थे। परिवार ने घटना की पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, घटना की वास्तविक परिस्थितियां और मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी, इसका खुलासा पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।




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