करीब 150 फरियादी पहुंचे, राजस्व और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों की रही भरमार
डीएम ने कहा- शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी, 8 मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण
दीपक शुक्ला की रिपोर्ट
गोरखपुर
सहजनवा। तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। दोनों अधिकारियों ने एक-एक कर शिकायतकर्ताओं से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में करीब 150 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें राजस्व, भूमि विवाद, रास्ते, कब्जा, पुलिस, पारिवारिक विवाद, विद्युत, विकास और नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामले शामिल रहे। इनमें से 8 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
समाधान दिवस के दौरान तहसील सभागार में सुबह से ही फरियादियों की आवाजाही बनी रही। अलग-अलग गांवों से पहुंचे लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके तथ्यों की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को नियमानुसार राहत दिलाई जाए।
केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, प्रभावी समाधान जरूरी : डीएम
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उनमें तत्काल कार्रवाई की जाए। वहीं जिन प्रकरणों में स्थलीय जांच की आवश्यकता है, संबंधित अधिकारी या उनकी टीम मौके पर जाकर जांच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराए।
डीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी न की जाए। शिकायतकर्ता की बात, उपलब्ध अभिलेख और मौके की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने के बाद ही निष्पक्ष निर्णय लिया जाए।
भूमि विवाद में राजस्व-पुलिस के बीच समन्वय पर जोर
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में भूमि, कब्जा, रास्ते और सीमांकन से संबंधित शिकायतें सामने आने पर जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में दोनों विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें, ताकि छोटे विवाद आगे चलकर गंभीर विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति का रूप न लें।
उन्होंने निर्देशित किया कि राजस्व से जुड़े मामलों में संबंधित पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। मौके की स्थिति और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डीएम ने यह भी कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें अधिकारी स्वयं अथवा अपनी टीम के माध्यम से मौके पर जाकर समस्या की वास्तविक स्थिति देखें। शिकायत के निस्तारण के बाद उसकी गुणवत्ता की भी समीक्षा की जाए।
लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित किया जाए और निस्तारण की कार्रवाई स्पष्ट एवं तथ्यपरक हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अधिकारी उनकी बात सुनें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर एसएसपी ने दिए निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने समाधान दिवस में पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच करते हुए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
एसएसपी ने कहा कि फरियादी की पूरी बात सुनना और मामले के सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी है। किसी भी शिकायत में बिना तथ्य के जल्दबाजी में कार्रवाई न की जाए और न ही किसी पक्ष के साथ अनावश्यक भेदभाव हो।
भूमि विवाद और आपसी विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई होने से विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभागों को सौंपे प्रार्थना पत्र
समाधान दिवस के दौरान डीएम और एसएसपी ने फरियादियों से सीधे उनकी समस्याएं पूछीं। शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पात्र लोगों को शासन की योजनाओं एवं विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। अधिकारियों ने कहा कि लंबित शिकायतों की प्रगति की समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
संपूर्ण समाधान दिवस में सहजनवा के उपजिलाधिकारी नमन मेहता सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी, तहसील प्रशासन के अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समाधान दिवस में आए फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य तथ्य
- करीब 150 शिकायतें समाधान दिवस में पहुंचीं।
- 8 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
- राजस्व, भूमि विवाद, कब्जा, रास्ते और पुलिस से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
- डीएम ने गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
- भूमि विवादों में राजस्व-पुलिस के समन्वय पर जोर दिया गया।
- एसएसपी ने पुलिस से जुड़ी शिकायतों में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।



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