संवाददाता :- परमात्मा मौर्य
हादसे को दावत दे रही सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी, कार्रवाई के इंतजार में राहगीर
“सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का” — जिम्मेदारों की कथित अनदेखी से बढ़ रहा खतरा
गोरखपुर
कालेसर से जंगल कौड़िया। कालेसर से जंगल कौड़िया क्षेत्र से गुजरने वाले NHAI मार्ग पर इन दिनों आवारा पशुओं का जमावड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क पर जगह-जगह मवेशियों के बैठे और घूमते रहने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों को ब्रेक लगाने या दिशा बदलने में काफी दिक्कत होती है। कई बार छोटे-बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि सड़क पर लगातार आवारा पशु घूमते रहें और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान न दें तो किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी? लोगों का तंज है—“सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का”, यानी जिम्मेदारों की कथित उदासीनता के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि NHAI मार्ग से आवारा पशुओं को तत्काल हटवाया जाए तथा भविष्य में पशुओं के सड़क पर पहुंचने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके l

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