रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिरईगांव स्थित रुस्तमपुर में प्रसव के बाद 22 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने से सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पहले निजी अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद शव को राष्ट्रीय राजमार्ग-29 (NH-29) पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते करीब तीन घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जानकारी के अनुसार,मृतका कंचन कुमारी ने 2 अगस्त को रुस्तमपुर के चौधरी नगर स्थित अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम में जुड़वा बेटों को जन्म दिया था। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मृतका के पति मिथिलेश कुमार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनकी तहरीर के आधार पर महेंद्र यादव समेत एक कथित झोलाछाप और एक नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण कंचन की मौत हुई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सूचना मिलने पर एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया।पुलिस के अनुसार,प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं,परिजनों ने आरोपित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तारी होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।हाईवे पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा।स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर प्रदर्शन समाप्त किया।प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।



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