संवाददाता सुदर्शन यादव
सहजनवा ब्लाक
गोरखपुर। शिव कुमार तिवारी हत्याकांड को लेकर धरना देने जा रहे परशुराम सेना के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रशान्त पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि आजाद नगर चौकी प्रभारी और नगर निगम चौकी प्रभारी उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें नजरबंद कर दिया। श्री पाण्डेय के अनुसार, पुलिस की इस कार्रवाई के कारण उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ तथा उनके विधिक कार्य भी प्रभावित हुए, जिससे उनके वादकारियों के मामलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
श्री पाण्डेय ने कहा कि पुलिस द्वारा अचानक की गई इस कार्रवाई से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों के हनन का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता को उसके विधिक दायित्वों के निर्वहन से रोकना गंभीर विषय है। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर से स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक एवं सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से वह सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन, गोरखपुर के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश को लिखित रूप से अवगत कराएंगे।
श्री पाण्डेय ने शिव कुमार तिवारी हत्याकांड में मृतक के अधिवक्ता पुत्र को स्थायी सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा मृतक के सभी परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा मृतक के आश्रित पुत्र को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि शिव कुमार तिवारी के परिवार को न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए परशुराम सेना लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

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