रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।आरक्षण व्यवस्था में सुधार और यूजीसी के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर करणी सेना के पूर्वांचल प्रभारी अविनाश मिश्रा ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी वर्ग या समुदाय के विरोध में नहीं,बल्कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार और वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने की मांग को लेकर है।वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए,ताकि आरक्षण का लाभ आर्थिक और सामाजिक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।उन्होंने विशेष रूप से गरीब दलित किसानों को आरक्षण व्यवस्था का लाभ दिए जाने की मांग उठाई।उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने देश की रक्षा के दौरान शहीद होने वाले जवानों के बच्चों को जाति और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर आरक्षण देने की मांग की।अविनाश मिश्रा ने कहा कि शहीद किसी एक जाति या धर्म के नहीं होते,बल्कि वे पूरे देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं,इसलिए उनके परिवारों के बच्चों को भी समान रूप से विशेष सुविधा मिलनी चाहिए।उन्होंने यूजीसी को लेकर भी आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।करणी सेना नेता ने केंद्र सरकार से अपील की कि किसी जिम्मेदार केंद्रीय मंत्री को आंदोलनकारियों के साथ सीधे संवाद के लिए आगे आना चाहिए,ताकि सर्वसमाज के सामने बातचीत के माध्यम से इन मांगों का समाधान निकाला जा सके।उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के बीच संवाद लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं के समाधान का सबसे बेहतर माध्यम है।अविनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार की ओर से जल्द वार्ता नहीं की जाती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।उन्होंने कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर आंदोलनकारी आगे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे और जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी।उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समाधान का रास्ता निकाला जाए।
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