वाराणसी
रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।प्रदेशव्यापी साइबर अपराध विरोधी अभियान "ऑपरेशन Cy-Vazra" के तहत कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार स्थित विध्यवासिनी नगर कॉलोनी में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से शादी के लिए रिश्ता दिलाने का झांसा देकर देशभर के युवक-युवतियों से ऑनलाइन ठगी कर रहा था।जांच में सामने आया कि आरोपी समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में आकर्षक वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित कर फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे,जिनमें शैक्षिक योग्यता,आय,नौकरी और पारिवारिक पृष्ठभूमि जैसी भ्रामक जानकारियां दर्ज होती थीं।
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने वाले लोगों को कॉल सेंटर की महिलाएं स्वयं को प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लाइफटाइम सदस्यता,बेहतर रिश्ते उपलब्ध कराने और प्रोफाइल साझा करने का भरोसा देती थीं।इसके बदले पीड़ितों से ₹5,000 से ₹15,000 तक की राशि ऑनलाइन जमा कराई जाती थी।भुगतान प्राप्त होने के बाद न तो कोई वास्तविक रिश्ता उपलब्ध कराया जाता था और न ही जमा धनराशि लौटाई जाती थी।शिकायत करने पर पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे या आरोपी सिम बदल लेते थे।पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से 27 मोबाइल फोन,एक टैबलेट,तीन चेकबुक,एक पासबुक,पांच डेबिट कार्ड,तीन क्यूआर कोड,एक पेमेंट साउंड बॉक्स,बिल वाउचर,रजिस्टर,रेंट एग्रीमेंट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।बरामद रजिस्टरों की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 600-700 लोगों को अपना शिकार बनाकर करीब ₹10 लाख की ठगी की है।राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों से हरियाणा,राजस्थान,उत्तर प्रदेश,पंजाब,पश्चिम बंगाल,तेलंगाना और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में इस गिरोह की सक्रियता सामने आई है।पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर बैंक खातों,डिजिटल लेनदेन और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और ठगी की रकम से जुड़े नए खुलासे भी हो सकते हैं।


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