वाराणसी
वाराणसी।सारनाथ थाना क्षेत्र के सलारपुर सतरंगी चौराहा में 15 दिन की नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।मासूम की मौत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर सुभाष राय को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के तहत मुकदमा दर्ज किया है।परिजनों का आरोप है कि यह मौत किसी बीमारी से नहीं,बल्कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत इंजेक्शन का नतीजा है।
जानकारी के अनुसार,ग्राम सलारपुर निवासी मटरू की 15 दिन की पोती को रविवार शाम अचानक दस्त की शिकायत हुई।घबराए परिजन उसे तुरंत पंचकोशी रोड स्थित वैष्णवी बाल चिकित्सालय लेकर पहुंचे,जहां डॉक्टर सुभाष राय ने बच्ची का ब्लड सैंपल लेने के बाद लगातार दो इंजेक्शन लगा दिए।आरोप है कि इंजेक्शन लगते ही बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ गई और कुछ ही पलों में उसने दम तोड़ दिया।मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे।
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे।देखते ही देखते क्लिनिक के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और गुस्साए लोगों ने चिकित्सालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी।इसके बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया,जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना तथा थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।अधिकारियों ने किसी तरह आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम समाप्त कराया।
परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि डॉक्टर की घोर लापरवाही,गलत इलाज और बिना सोचे-समझे लगाए गए इंजेक्शन ने उनकी मासूम की जान ले ली।उन्होंने दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है,जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।इस घटना ने एक बार फिर निजी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली,बिना मानक इलाज और चिकित्सा लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और सभी की नजर अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।





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