रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को देर रात उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब शिवपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम ने एक शातिर चैन स्नैचर को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, लूट की रकम और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ रिंग रोड सिंधौरा-चांदमारी अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक टीवीएस अपाचे बाइक पर सवार युवक पुलिस को देखकर पहले रुका और फिर तेजी से बाइक मोड़कर हरहुआ की तरफ भागने लगा।
संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया और वायरलेस सेट के माध्यम से अन्य पुलिस टीमों को भी सतर्क किया गया। भागते समय आरोपी ने रिंग रोड से कानूडीह-सरसवां लिंक मार्ग की तरफ बाइक मोड़ दी, लेकिन तेज रफ्तार के कारण बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा और बदमाश को पकड़ने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए जवाबी कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने सरकारी 9 एमएम पिस्टल से एक राउंड फायर किया जबकि उपनिरीक्षक गौरव सिंह ने दो राउंड फायर किए। कुछ ही देर बाद सड़क किनारे झाड़ियों के पास बदमाश घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसके दाहिने पैर में गोली लगी थी।
घायल युवक की पहचान बादल साहनी पुत्र अनिल साहनी निवासी किरहिया थाना भेलूपुर, वाराणसी के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध तमंचा .15 बोर, एक फायरशुदा खोखा, एक जिंदा कारतूस तथा ₹3630 नकद बरामद किए गए। साथ ही बिना नंबर प्लेट की टीवीएस अपाचे बाइक भी कब्जे में ली गई। ई-चालान ऐप से जांच करने पर बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर UP65CM9869 पाया गया, जो रोहनिया निवासी राम बहल गुप्ता के नाम दर्ज है।पुलिस पूछताछ में बादल साहनी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि उसने अपने साथी अमन यादव निवासी किरहिया भेलूपुर के साथ मिलकर 30 अप्रैल 2026 को शिवपुर क्षेत्र स्थित विश्वनाथपुरी कॉलोनी में एक महिला से चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया था। दोनों आरोपी इसी बाइक से मौके पर पहुंचे थे और चैन छीनकर सेंट्रल जेल रोड की तरफ फरार हो गए थे।
बादल ने यह भी कबूल किया कि घटना के बाद उसके साथी अमन यादव ने लूटी गई चैन को किसी ज्वैलर्स के यहां बेच दिया था। बिक्री से मिले पैसों में उसे ₹7000 हिस्सा मिला था, जिसमें से अधिकांश रकम उसने शराब और गांजा पीने में खर्च कर दी। पुलिस को उसके पास से बरामद ₹3630 उसी लूट की रकम का हिस्सा बताया जा रहा है।अभियुक्त ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि वह और उसका साथी वारदात के दौरान हमेशा बिना नंबर प्लेट की बाइक का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस उन्हें आसानी से ट्रेस न कर सके। पुलिस के अनुसार आरोपी क्षेत्र में एक और लूट की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे और उसी की रेकी करने निकले थे।
घटना के बाद पुलिस ने मौके को येलो टेप लगाकर सुरक्षित कराया तथा फील्ड यूनिट को बुलाकर फोरेंसिक साक्ष्य संकलित कराए। मौके से तमंचा, कारतूस, 9 एमएम के खोखे और अन्य साक्ष्य सील कर कब्जे में लिए गए।घायल अभियुक्त को उपचार के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय भेजा गया है। वहीं फरार आरोपी अमन यादव और चैन खरीदने वाले ज्वैलर्स की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ धारा 309(4), 317(2), 109(1) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


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