वाराणसी
रिपोर्ट : देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी के बेनीपुर इलाके में शंकरपुरम कॉलोनी में शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक स्थानीय अधिवक्ता आलोक पाठक पर असलहे से फायरिंग की गई,जिसमें प्रार्थी ने टेंपो की आड़ लेकर अपनी जान बचाई।पुलिस ने इस घटना को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 351(3) (गंभीर धमकी, जिसमें मौत या गंभीर चोट की धमकी शामिल) में मुकदमा दर्ज कर लिया है।आरोपी परीक्षित सिंह और उनका ड्राइवर अभी भी फरार हैं,जबकि उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है।
आलोक पाठक अपने घर से सामान शिफ्ट कर रहे थे।तभी परीक्षित सिंह अपने चार पहिया वाहन पर ड्राइवर के साथ पहुंचे और आलोक को मां-बहन की गालियां देते हुए कहा,"तुम साले वकीलों का मन काफी बढ़ गया है।"जब आलोक ने विरोध किया,तो परीक्षित सिंह ने और उग्र होकर गालियां दीं और"वकील साले... अभी बताता हूं" कहकर धमकाया।
परीक्षित सिंह घर जाकर कुछ मिनट बाद ड्राइवर को स्कूटी पर भेजा,जिसने आलोक को "आज तुम्हारा मरना तय है" कहकर धमकी दी।इसके तुरंत बाद परीक्षित सिंह असलहा लेकर अपनी पत्नी के साथ पहुंचे।उन्होंने गंदी गालियां देते हुए पहले हवाई फायर किया,फिर आलोक को सीधे निशाना बनाकर जान से मारने की नीयत से दूसरी गोली चलाई।आलोक ने झुककर पास खड़े टेंपो के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई।
गोली चलाने के बाद ड्राइवर स्कूटी लेकर भाग गया,जबकि परीक्षित सिंह और उनकी पत्नी धमकियां देते हुए घर की ओर फरार हो गए।मौके से खोखा कारतूस बरामद हुआ। आलोक ने तुरंत डायल 112 पर कॉल किया,जिसके बाद पुलिस पहुंची और परीक्षित सिंह की पत्नी को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
आलोक पाठक ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने जांच तेज कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।इलाके में लोग इस घटना से दहशत में हैं और बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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