नियमित उपस्थिति और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर, फील्ड में उतरे अफसर
रिपोर्ट: खुर्शीद आलम
लखीमपुर खीरी
जिले में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल बुधवार को एक्शन मोड में नजर आईं। सुबह खंड विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फॉर्मर आईडी अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति वास्तविक रूप से बढ़नी चाहिए।
बैठक में डीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति तेज करने के साथ-साथ जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की रणनीति तय की। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल कागजी कार्रवाई से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सतत मॉनिटरिंग से सुधरेगी।
निर्देश मिलते ही अधिकारी और बीडीओ फील्ड में उतर गए। कहीं फॉर्मर आईडी के आंकड़ों की समीक्षा हुई तो कहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक स्तर की पड़ताल की गई। विद्यालयों में आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) के दौरान अधिकारियों ने अभिभावकों से सीधा संवाद कर बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और स्कूल वातावरण पर फीडबैक लिया।
विशेष पीटीएम में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले 10 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को सम्मानित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें मंच पर बुलाकर नियमित उपस्थिति का उदाहरण बताया गया। वहीं कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद कर यह संकल्प दिलाया गया कि अब कोई भी बच्चा बिना कारण अनुपस्थित नहीं रहेगा।
डीएम ने दो टूक कहा कि लक्ष्य सिर्फ हाजिरी बढ़ाना नहीं, बल्कि कक्षाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। सुबह से शाम तक चली मॉनिटरिंग से प्रशासनिक अमले में सक्रियता बनी रही। इस पहल ने साफ संकेत दिया कि जिले में अब योजनाओं की प्रगति सीधे जमीनी स्तर पर परखी जाएगी।

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