वाराणसी
रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।वाराणसी जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।कुल 5 लाख 73 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।उप निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि डुप्लीकेट,मृतक और स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
कैंट और उत्तरी में सबसे ज्यादा नाम कटे
जारी आंकड़ों के अनुसार,वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा 1 लाख 12 हजार करीब नाम कटे हैं,जबकि उत्तरी विधानसभा से 1 लाख 11 हजार करीब मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।सबसे कम नाम अजगरा विधानसभा से काटे गए,जहां 35 हजार 961 वोटरों की एंट्री डिलीट की गई।अन्य क्षेत्रों में रोहनिया से 77 हजार 262,दक्षिणी से 76 हजार 722,शिवपुर से 51 हजार 963,सेवापुरी से 55 हजार 028 और पिंडरा से 52 हजार 426 नाम कटे हैं।
नई सूची में कुल मतदाता घटे
ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक,अब वाराणसी की विधानसभाओं में कुल मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।उदाहरण के लिए,कैंट में पहले 4 लाख 71 हजार 672 मतदाता थे,जो अब घटकर 3 लाख 59 हजार 288 हो गए।इसी तरह उत्तरी में 4 लाख 48 हजार 685 से घटकर 3 लाख 37 हजार 228 रह गए।
27 फरवरी तक मांगी गई आपत्तियां
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं और वे योग्य हैं,वे 27 फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराएं।विशेषकर 2002 की मतदाता सूची से नाम मिलान न होने वाले मामलों में सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।आपत्ति के साथ दस्तावेज प्रस्तुत करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने 28 अक्टूबर से चले विशेष पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ द्वारा 25 लाख 80 हजार 502 मतदाताओं की सूची जारी की थी।6 जनवरी को जारी अंतिम आंकड़ों में कुल 5 लाख 73 हजार 203 नाम हटाए गए,जो कुल मतदाताओं का करीब 18.18% है।इस बड़े पैमाने पर नाम कटौती से राजनीतिक दलों में हलचल मच गई है और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

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