आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की राजस्व रिपोर्ट लंबित, छात्र-छात्राओं व आम जनता की बढ़ी परेशानी
दीपक शुक्ला की रिपोर्ट
गोरखपुर। लेखपालों के विरोध प्रदर्शन के चलते आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों पर राजस्व रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया प्रभावित होने से आम जनता की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। राजस्व रिपोर्ट लंबित होने के कारण बड़ी संख्या में आवेदकों के प्रमाण पत्र निर्धारित समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं और उन लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें विभिन्न सरकारी एवं शैक्षणिक कार्यों के लिए इन प्रमाण पत्रों की तत्काल आवश्यकता है। ग्राम पंचायत बड़गहन स्थित आस्था जन सेवा केंद्र के संचालक रविकान्त उर्फ लालू सहित क्षेत्र के कई जन सेवा केंद्र संचालकों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, ग्रामीण और आम नागरिक आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जन सेवा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्व स्तर पर लेखपाल की रिपोर्ट आवश्यक होने के कारण रिपोर्ट लंबित रहने पर प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी
जन सेवा केंद्र संचालकों के अनुसार प्रमाण पत्रों के लंबित होने का सीधा असर विद्यार्थियों से जुड़े कार्यों पर पड़ रहा है। छात्रवृत्ति, विद्यालय एवं महाविद्यालय में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी योजनाओं तथा विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र नहीं मिलने की स्थिति में विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अभिभावकों और विद्यार्थियों में भी चिंता बढ़ रही है।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की भी बढ़ी मुश्किल
ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों के लिए भी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। सरकारी योजनाओं, पेंशन, रोजगार, ऋण, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं में इन प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ती है। रिपोर्ट लंबित होने के कारण लोगों को अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार जन सेवा केंद्रों और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की परेशानी बढ़ रही है।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
जन सेवा केंद्र संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि लेखपालों की समस्याओं का वार्ता के माध्यम से शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि राजस्व सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें। साथ ही जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक लंबित प्रमाण पत्रों की राजस्व रिपोर्ट लगाने के लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संचालकों का कहना है कि जन सेवा केंद्रों पर आने वाले अधिकांश लोग प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया को लेकर सीधे संबंधित विभागीय व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि राजस्व रिपोर्ट का कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ता है।
जनहित में जल्द समाधान की उम्मीद
जन सेवा केंद्र संचालकों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और उनके विरोध का समाधान प्रशासन एवं संबंधित कर्मचारियों के बीच बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए, लेकिन इस दौरान आम जनता को मिलने वाली आवश्यक राजस्व सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों, इसका भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबित आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया को शीघ्र गति दी जाए, ताकि छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक कार्य, सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन और ग्रामीणों के अन्य जरूरी काम समय से पूरे हो सकें। फिलहाल लेखपालों के विरोध प्रदर्शन के कारण प्रमाण पत्रों की राजस्व रिपोर्ट प्रभावित होने से आम जनता की परेशानी बढ़ी हुई है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।


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