रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।गाजीपुर के कुसमही खुर्द निवासी राकेश सिंह यादव ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को प्रार्थना पत्र देकर डीसीपी वरुणा जोन समेत उनके साथ मौजूद बताए जा रहे 6-7 पुलिसकर्मियों और लालपुर-पांडेयपुर थाने के सिपाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं।शिकायतकर्ता के मुताबिक पांच सितंबर 2026 की शाम करीब 4:30 से 4:50 बजे के बीच वह पांडेयपुर स्थित काली माता मंदिर व मॉल के पास सड़क किनारे स्कॉर्पियो खड़ी कर साथी का इंतजार कर रहे थे।उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन की पूर्व जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस द्वारा वाहन हटाने को कहा गया,जिसके बाद वह गाड़ी लेकर करीब 100 मीटर आगे स्थान तलाशने लगे।आरोप है कि इसी दौरान डीसीपी प्रमोद कुमार और पुलिसकर्मियों ने उन्हें वाहन से बाहर खींचकर मारपीट की तथा बाद में धारा 151 और 207 एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन सीज कर दिया।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अगले दिन छह सितंबर की सुबह करीब नौ बजे लालपुर-पांडेयपुर थाने में एक सिपाही ने उनसे कूड़ा उठाने और डस्टबिन साफ करने को कहा।राकेश का दावा है कि दर्द के कारण काम करने से मना करने पर उनके साथ दोबारा मारपीट की गई और नाक समेत शरीर के अन्य हिस्सों तथा प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाई गई।शिकायतकर्ता ने पुलिस दस्तावेजों में भी कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनके अनुसार,वास्तविक घटना पांच सितंबर की शाम की होने के बावजूद चालान में दो सितंबर 2026 को सुबह 11:33 बजे का समय दर्ज कर वाहन को 'Dangerous Driving' के तहत दर्शाया गया।
उन्होंने सरकारी मेडिकल में चोटों को कथित रूप से कम दर्शाए जाने का भी आरोप लगाया है। राकेश के मुताबिक उनके पास निजी उपचार से संबंधित पर्चे और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत करने की बात कही है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोप गंभीर हैं, हालांकि इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


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