एससी-एसटी सब प्लान का पैसा खर्च न होने से बुनियादी सुविधाओं पर असर
सोनभद्र / म्योरपुर -: वाराणसी में आगामी 20 सितंबर को आयोजित होने वाले नई पीढ़ी संवाद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गांव-गांव जनसंपर्क अभियान जारी है। इसी क्रम में सुपांचुआ, बलियरी, नवाटोला, परनी, बबनडीहा, काचन और करहिया सहित विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से संपर्क कर कार्यक्रम के उद्देश्य और नागरिक अधिकारों को लेकर संवाद किया गया।
जनसंपर्क के दौरान कहा गया कि नागरिकों को संवैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की जवाबदेही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, आवास, पेंशन और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आम नागरिक के सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक हैं। वक्ताओं ने कहा कि इन सुविधाओं के लिए सरकार को कारपोरेट क्षेत्र की संपत्ति पर उचित टैक्स लगाकर संसाधन जुटाने चाहिए।
इस दौरान एससी-एसटी सब प्लान के बजट को लेकर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि प्रदेश में इसके लिए आवंटित पूरी धनराशि खर्च नहीं हो रही है, जिसके कारण सोनभद्र जैसे दलित-आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त विकास नहीं हो पा रहा है।
वक्ताओं ने अनुसूचित जनजाति स्टेट प्रोग्राम मॉनिटरिंग पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 में करीब 21,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से लगभग 17,000 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। उनके अनुसार करीब 4,500 करोड़ रुपये, यानी लगभग 21 प्रतिशत धनराशि खर्च नहीं हो सकी।
जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों से 20 सितंबर को वाराणसी पहुंचकर नई पीढ़ी संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने में हर संभव सहयोग करने की अपील की गई।
इस यात्रा में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान पूर्वांचल यात्रा की सहसंयोजक रूबी सिंह गोंड, सविता गोंड, इंजीनियर रामकृष्ण बैगा, राजेंद्र प्रसाद गोंड, सुगवंती गोंड, गुंजा गोंड, राम विचार गोंड, महावीर गोंड सहित अन्य लोग शामिल रहे।अगर आप चाहें तो मैं इसका और ज्यादा प्रभावशाली अखबारी हेडलाइन + 2 लाइन की उपशीर्षक भी बना सकता हूं।

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