संवाददाता अहदम रजा
सोनभद्र, अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के तत्वावधान में रविवार को तहसील परिसर स्थित अधिवक्ता भवन में हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता अमित वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदी को देश की एकता, संस्कृति और जनभावनाओं को जोड़ने वाली भाषा बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार तथा राजकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और आमजन की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।
मोर्चा के महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी हमारे स्वाभिमान और सांस्कृतिक पहचान की भाषा है। हिंदी दिवस केवल एक दिन हिंदी को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि पूरे वर्ष हिंदी के सम्मान और व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिंदी पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है, उसी प्रकार पूर्वांचल की अपनी विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान है। क्षेत्र के समुचित विकास के लिए अलग पूर्वांचल राज्य का गठन आवश्यक है और इसके लिए मोर्चा का संघर्ष लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार जारी रहेगा।
राष्ट्रीय सचिव राजेश यादव एडवोकेट ने कहा कि पूर्वांचल की जनता लंबे समय से विकास की असमानता और रोजगार के सीमित अवसरों जैसी समस्याओं का सामना कर रही है। अलग पूर्वांचल राज्य बनने से क्षेत्र की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर बेहतर समाधान संभव होगा। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस के अवसर पर मोर्चा हिंदी के सम्मान एवं संवर्धन के साथ-साथ अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेता है।
कार्यक्रम का संचालन डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने किया।
इस अवसर पर रमेश चंद्र सिंह, विमल प्रसाद सिंह, टीटू प्रसाद गुप्ता, शाहनवाज आलम खान, राजकुमार पटेल, आदर्श देव पाण्डेय, शिवानंद सागर, अनुराग पांडेय, सुरेश कुमार सिंह, अभिषेक मौर्य सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे


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