Snider Image 1 Snider Image 2 Snider Image 3
1 जनवरी 2025 को शकुन टाइम्स न्यूज़ पोर्टल का शुभारंभ, सही और सटीक खबरों के साथ आपके विश्वास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के संकल्प के साथ।

सहजनवां में हटेंगे 800 बिजली पोल, 33 करोड़ से शिफ्ट होंगी लाइनें

 


4.5 किमी लंबे फ्लाईओवर के निर्माण की बड़ी बाधा होगी दूर, अक्टूबर से काम शुरू होने की उम्मीद


शकुन टाइम्स ब्यूरो 

दीपक शुक्ला 


सहजनवां, गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर सहजनवां क्षेत्र में प्रस्तावित करीब 4.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण की राह में आ रही बिजली लाइनों और पोलों की बड़ी बाधा अब दूर होने जा रही है। फोरलेन के बीच और दोनों किनारों पर मौजूद बिजली के पोल एवं तारों को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बिजली विभाग ने करीब 800 बिजली पोल और उनसे जुड़ी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए लगभग 33 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। बिजली विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेज दिया गया है और शिफ्टिंग कार्य के लिए बजट की मांग की गई है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एनएचएआई से भुगतान प्राप्त होते ही बिजली लाइनों और पोलों को शिफ्ट करने का काम मौके पर शुरू कर दिया जाएगा। बिजली पोल और तारों की शिफ्टिंग को फ्लाईओवर निर्माण से पहले पूरा किया जाना जरूरी है।



एलटी से 33 केवी तक की लाइनें होंगी शिफ्ट


बिजली विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव में एलटी लाइन से लेकर 33 केवी क्षमता वाली बिजली लाइनों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का खर्च शामिल किया गया है। फोरलेन के बीच तथा निर्माण क्षेत्र में आने वाले पोलों को हटाकर वैकल्पिक स्थान पर नए पोल लगाए जाएंगे और आवश्यकतानुसार बिजली तारों को भी नए रूट से गुजारा जाएगा। निर्माण विद्युत के अधिशासी अभियंता सुजीत गुप्ता ने बताया कि पोल और बिजली लाइनों की शिफ्टिंग से संबंधित पूरा ब्योरा एनएचएआई को भेज दिया गया है। बजट मिलने के बाद विभाग की ओर से शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बिजली लाइनों को व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट करने के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जाने की तैयारी है।


करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है फ्लाईओवर


सहजनवां क्षेत्र में फोरलेन पर लगातार होने वाले हादसों, यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर लंबे समय से फ्लाईओवर की मांग उठती रही है। स्थानीय सांसद और विधायक की पहल के बाद एनएचएआई की ओर से क्षेत्र का सर्वे कराया गया। सर्वे और आवश्यक प्रक्रिया के बाद करीब 4.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए लगभग 700 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण से सहजनवां बाजार, गीडा औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है। वर्तमान में फोरलेन पर बड़ी संख्या में वाहन आवागमन करते हैं। इसके अलावा गीडा क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों के कारण भारी वाहनों और कर्मचारियों के वाहनों का दबाव भी बना रहता है।


निर्माण क्षेत्र में 26-26 मीटर क्षेत्र चिह्नित


फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी के तहत फोरलेन के दोनों तरफ 26-26 मीटर क्षेत्र चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बिजली पोल और तारों के अलावा अन्य बाधाओं को भी हटाया जाना है। योजना के अनुसार यदि आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी हो जाती हैं तो अक्टूबर से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बिजली पोल और लाइनों की शिफ्टिंग को इसी तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।


डिवाइडर कट बंद होने से बढ़ी थी लोगों की परेशानी


फोरलेन पर हादसों को नियंत्रित करने के लिए एनएचएआई ने गीडा के कालेसर जीरो प्वाइंट से रहीमाबाद तक कई स्थानों पर डिवाइडर के कट बंद कर दिए थे। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ा। एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से गीडा के उद्यमियों, फैक्ट्री कर्मचारियों, सहजनवां के व्यापारियों, किसानों और आसपास के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के लिए बाजार, औद्योगिक क्षेत्र, गांव और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च हो रहा है। डिवाइडर कट बंद किए जाने का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और फोरलेन पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था सीमित होने के कारण स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ है।


फ्लाईओवर बनने के बाद जाम और हादसों से राहत की उम्मीद


प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण के बाद सहजनवां बाजार और गीडा औद्योगिक क्षेत्र के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फ्लाईओवर के कारण मुख्य यातायात को सुगम रास्ता मिलेगा और स्थानीय आवागमन के लिए नीचे से आवागमन की व्यवस्था विकसित होने की संभावना है।

इससे फोरलेन पर बार-बार लगने वाले जाम को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिल सकती है। साथ ही सहजनवां बाजार और गीडा क्षेत्र के बीच आने-जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।


व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलेगा फायदा


सहजनवां क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। सहजनवां बाजार क्षेत्र में बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक आसपास के गांवों तथा गीडा क्षेत्र से आते-जाते हैं। वर्तमान में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। फ्लाईओवर और संबंधित यातायात व्यवस्था विकसित होने के बाद बाजार, औद्योगिक क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों के बीच आवागमन आसान होने की संभावना है। इससे समय और ईंधन की बचत के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।


एक नजर में


- प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई: करीब 4.5 किलोमीटर

- अनुमानित लागत: करीब 700 करोड़ रुपये

- शिफ्ट होने वाले बिजली पोल: करीब 800

- बिजली लाइन शिफ्टिंग का प्रस्ताव: करीब 33 करोड़ रुपये

- शिफ्ट होने वाली लाइनें: एलटी से 33 केवी तक

- निर्माण क्षेत्र: फोरलेन के दोनों तरफ 26-26 मीटर क्षेत्र चिह्नित

- निर्माण शुरू होने की संभावित समयसीमा: अक्टूबर 2026

- मुख्य उद्देश्य: जाम और दुर्घटनाओं में कमी, आवागमन सुगम करना

Post a Comment

0 Comments

© Copyright Shakun Times. Designed by Rktechzone .