ट्रिपल-सी प्रशिक्षण से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को मिला रोजगार का हुनर
कंप्यूटर प्रशिक्षण के जरिए कौशल विकास के साथ रोजगार के अवसरों को मिला बढ़ावा
अमित सिंह मोनू की रिपोर्ट
बस्ती
पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अन्य पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक एवं युवतियों के कौशल विकास के लिए संचालित ओ लेवल एवं ट्रिपल-सी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से युवाओं को कंप्यूटर संबंधी ज्ञान और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।
बस्ती जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 119 तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 107 युवक-युवतियों ने इस योजना का लाभ लिया। इस प्रकार दो वित्तीय वर्षों में कुल 226 लाभार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी के साथ-साथ डिजिटल कार्यप्रणाली और कार्यालयीन कार्यों से संबंधित आवश्यक दक्षताएं विकसित करने का अवसर मिला।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे युवक-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जो रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन कंप्यूटर संबंधी दक्षता की कमी के कारण उन्हें बेहतर अवसर नहीं मिल पाते। ओ लेवल और ट्रिपल-सी जैसे कंप्यूटर पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के ज्ञान और कौशल में वृद्धि की जा रही है, जिससे वे निजी क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगारपरक कार्यों के लिए भी खुद को तैयार कर सकें।
योगी सरकार की इस पहल से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले युवाओं को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। कंप्यूटर प्रशिक्षण के बाद युवाओं के लिए डाटा एंट्री, कार्यालय सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। साथ ही डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में यह प्रशिक्षण युवाओं को समय के साथ कदमताल करने में मदद कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कौशल विकास आधारित योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। ओ लेवल एवं ट्रिपल-सी प्रशिक्षण योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बस्ती में दो वर्षों के दौरान 226 युवक-युवतियों को मिला प्रशिक्षण इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है।

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