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| शकुन टाइम्स की खबर का बड़ा असर |
जिस मामले को शकुन टाइम्स ने लगातार और बेबाकी से उठाया, उस पर आखिरकार हुई बड़ी कार्रवाई
5 हजार में सेटिंग के सवाल से मचा था हड़कंप, अब विभागीय जांच खोलेगी पूरे प्रकरण की परतें
सच्चिदानंद राय की रिपोर्ट
गोरखपुर/सहजनवां
गीडा थाना क्षेत्र में ₹5 हजार की कथित ‘सेटिंग’ और लेनदेन से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर शकुन टाइम्स द्वारा लगातार प्रमुखता से प्रकाशित खबरों के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए गीडा थाने में तैनात संबंधित सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
शकुन टाइम्स ने इस मामले को दबने नहीं दिया और लगातार अपनी खबरों के माध्यम से पुलिस व्यवस्था के सामने तीखे सवाल खड़े किए। वायरल वीडियो में कथित ₹5 हजार के लेनदेन और मामले को ‘मैनेज’ करने से जुड़ी बातचीत सामने आने के बाद अखबार ने सवाल उठाया था कि आखिर वीडियो की सच्चाई क्या है? यदि आरोपों में दम है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई कब होगी?
अब एसएसपी की कार्रवाई के बाद संबंधित सिपाही का निलंबन इस मामले में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम बनकर सामने आया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश के बाद वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
खबरों ने खड़े किए सवाल, उच्चाधिकारियों ने लिया संज्ञान
शकुन टाइम्स ने पूरे प्रकरण को लगातार जनता और जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रखा। सवाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कथित लेनदेन की निष्पक्ष जांच और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने का था। अब निलंबन की कार्रवाई के बाद विभागीय जांच पर निगाहें टिक गई हैं।
निलंबन के बाद महकमे में हलचल, अब जांच बताएगी पूरी सच्चाई
एसएसपी की कार्रवाई ने पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शकुन टाइम्स का सवाल बना कार्रवाई की दस्तक
जनहित से जुड़े मुद्दों पर “निष्पक्ष खबरें, निर्भीक आवाज” के संकल्प के साथ शकुन टाइम्स ने इस प्रकरण को लगातार उठाया। अब संबंधित सिपाही के निलंबन के बाद अगला बड़ा सवाल है—विभागीय जांच में क्या सामने आता है और क्या इस कथित ‘सेटिंग’ के पूरे घटनाक्रम की हर परत सामने आएगी ?

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