घघसरा के धर्मेन्द्र की इलाज के दौरान मौत से कोहराम, परिजनों ने शव रखकर सहजनवां-बखिरा मार्ग किया जाम, एसडीएम के आश्वासन पर माने लोग।
रिपोर्ट: यदुवंश दूबे
गोरखपुर
गोरखपुर घघसरा इलाज कराने लखनऊ जा रहे एक परिवार की खुशियां सड़क हादसे ने छीन लीं। नगर पंचायत घघसरा बाजार के तुलसीदास नगर हड़ही निवासी धर्मेन्द्र प्रसाद उर्फ जानकी 43 की हादसे में घायल होने के बाद मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सहजनवां-बखिरा मुख्य मार्ग पर रखकर चक्का जाम कर दिया।
12 अगस्त की रात करीब 11 बजे धर्मेन्द्र को परिजन एर्टिगा कार संख्या UP 53 EA 2677 से लखनऊ इलाज के लिए ले जा रहे थे। कार में पत्नी राधिका देवी, पुत्र नंदलाल, पुत्री सुशीला कुमारी और भतीजा अमित कुमार सवार थे। हरैया सीएचसी से 200 मीटर पहले तेज रफ्तार एर्टिगा सड़क किनारे खड़ी क्रेन में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी 5 लोग लहूलुहान हो गए।
स्थानीय लोगों ने घायलों को सीएचसी हरैया पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख सभी को रेफर कर दिया। धर्मेन्द्र के सिर का ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए।
मृतक के दो बेटे नंदलाल 23, श्यामलाल 18,और दो बेटियां हैं। किसी की भी शादी नहीं हुई है। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पत्नी राधिका की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम
जाम की सूचना पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दुबे, चौकी प्रभारी आदर्श कुमार पाण्डेय, थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा और एसडीएम नमन मेहता मौके पर

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