70 फुट इंटरलॉकिंग और नई नाली बिना बने ही 2.31 लाख रुपये का भुगतान होने का दावा, ग्रामीण ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर मुख्य सचिव तक लगाई गुहार
लखीमपुर-खीरी जिले के विकास कार्यों में पारदर्शिता के सरकारी दावों के बीच ओयल क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोतीपुर के मजरा जुलाहन पुरवा से गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव निवासी मंसूर अली पुत्र सिरदार अली ने ग्राम प्रधान रामवती एवं उनके प्रतिनिधि राजू पर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता तथा फर्जी भुगतान का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जहां जमीन पर निर्माण अधूरा है, वहीं सरकारी अभिलेखों में कार्य पूरा दिखाकर 2,31,261 रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। मंसूर अली के अनुसार, रफीक के मकान से नियामत के मकान तक इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्य स्वीकृत था, लेकिन रफीक के मकान से उनके मकान तक करीब 70 फुट इंटरलॉकिंग सड़क और नई नाली का निर्माण ही नहीं कराया गया। इसके बावजूद संबंधित कार्य को पूर्ण दर्शाकर मई माह में पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित विभागीय अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तथा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश को शिकायत भेजकर पूरे मामले की स्थलीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल निर्माण कार्य में लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण माना जाएगा। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाता है या फिर यह मामला भी शिकायतों की फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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