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तिकुनिया क्षेत्र में विशेष अभियान से मचा हड़कंप, अवैध यात्री वाहन, ओवरलोडिंग और नियमविहीन स्कूली बसों पर कसा शिकंजा
लखीमपुर-खीरी, उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) शांति भूषण पाण्डेय ने गुरुवार को तिकुनिया क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। अभियान के दौरान 28 वाहनों को निरुद्ध (सीज) किया गया, जबकि 43 वाहनों का चालान कर नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा दिया गया। एआरटीओ ने अपने प्रवर्तन दल के साथ शारदानगर, ढकेरवा, पढ़ुआ, निघासन और सिंगाही क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान परमिट शर्तों का उल्लंघन, क्षमता से अधिक सवारी ढोना, ओवरलोडिंग, फिटनेस प्रमाणपत्र न होना तथा अन्य परिवहन नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई। जिला बस ऑपरेटर्स द्वारा स्टेज कैरिज मार्गों पर अवैध रूप से संचालित यात्री वाहनों की शिकायत परिवहन आयुक्त से किए जाने के बाद अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में स्टेज कैरिज मार्गों पर अवैध रूप से यात्रियों का संचालन कर रहे ई-रिक्शा और परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाले यात्री वाहनों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले स्कूल वाहनों पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। जांच में आधारशिला एकेडमी की बस के आवश्यक दस्तावेज अवैध पाए गए, जबकि उसी वाहन से बच्चों का परिवहन किया जा रहा था। तत्काल बस को निरुद्ध कर दिया गया। इसके अलावा गुरुनानक देव शिक्षा एकेडमी, तिकुनिया तथा एस.बी. मॉडर्न स्कूल के एक-एक वाहन के विरुद्ध भी चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई की गई। एआरटीओ शांति भूषण पाण्डेय ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले, फिटनेस विहीन अथवा बिना वैध दस्तावेजों वाले वाहनों में यात्रा करने से बचें। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को भी चेतावनी दी कि यदि बिना फिटनेस या वैध दस्तावेजों वाले वाहनों से छात्रों का परिवहन कराया गया और कोई दुर्घटना हुई, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी तथा उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की यह सख्त कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं है। नियमों का पालन करने वालों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही और अवैध संचालन करने वालों पर इसी प्रकार कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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