हिमांशु यादव की रिपोर्ट
प्रयागराज - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल की समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी जनपदों की कुल 3,094 विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में 1,168 कार्यों के लिए लगभग ₹9,668.27 करोड़, प्रतापगढ़ में 1,092 कार्यों के लिए ₹2,053.36 करोड़, फतेहपुर में 521 कार्यों के लिए ₹3,378.37 करोड़ तथा कौशाम्बी में 313 कार्यों के लिए लगभग ₹915.13 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रयागराज मंडल की सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए जनप्रतिनिधियों से सुझाव और फीडबैक भी प्राप्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए और आवश्यक संशोधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान शास्त्री पुल के समानांतर प्रस्तावित गंगा पुल, पुराने नैनी पुल के समानांतर नए यमुना पुल तथा हंडिया (लाक्षागृह घाट) से मेजा (परानीपुर घाट) को जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को जनहित में शीघ्र आगे बढ़ाने तथा तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात दबाव कम करने के लिए शास्त्री पुल के समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने के प्रस्ताव पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जनता को समयबद्ध और बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', जनप्रतिनिधियों तथा लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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