रिपोर्ट: मृत्युंजय पान्डेय
मुम्बई
पालघर जिले में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया था। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी बोरवेल में प्रवेश कर जाने से हैंडपंपों में कीचड़ भर गया, उनकी चेन खराब हो गई और दूषित पानी की आपूर्ति शुरू हो गई। ऐसी स्थिति में रिलायंस फाउंडेशन ने त्वरित पहल करते हुए प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया।
रिलायंस फाउंडेशन की 15 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों की टीम ने कमारे, वाकसई और केळवा ग्राम पंचायत क्षेत्र के आदिवासी गांवों में पहुंचकर 15 हैंडपंपों की मरम्मत और उनका कीटाणुशोधन किया। इसके बाद कई दिनों से दूषित पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को पुनः सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिलने लगा। यह पूरा अभियान स्थानीय प्रशासन के समन्वय से संचालित किया गया।
इसके साथ ही बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से फाउंडेशन ने 'वॉश' (WASH– जल, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य) जागरूकता अभियान भी चलाया। अभियान के तहत चार विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 100 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। विशेष रूप से महिलाओं को पेयजल को स्वच्छ रखने, सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा जलजनित रोगों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
बाढ़ के बाद संभावित स्वास्थ्य संकट को रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन की यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सराहनीय उदाहरण बनकर सामने आई है। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रयास का स्वागत करते हुए इसे समय पर मिली बड़ी राहत बताया।

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