शकुन टाइम्स: संवाददाता
प्रयागराज
भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।बारा थाना (यमुनानगर कमिश्नरेट,प्रयागराज) के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सोनकर को 75,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके ही थाने में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 15 सदस्यीय टीम ने मृत्युंजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में की।शिकायतकर्ता संतोष कुमार दुबे निवासी लुकमानपुर, बीरमपुर, थाना सुरियावां, जनपद भदोही ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ बारा थाने में दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाने के एवज में इंस्पेक्टर विनोद कुमार सोनकर ने उनसे 75,000 रुपये की मांग की थी।शिकायत पर गुप्त जांच के बाद टीम ने जाल बिछाया।17 फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। जांच के बाद 18 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:40 बजे शिकायतकर्ता ने तय रकम लेकर थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर को पैसे दिए। जैसे ही लेन-देन पूरा हुआ, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर इंस्पेक्टर विनोद कुमार सोनकर को गिरफ्तार कर लिया।उनके पुत्र राजकुमार सोनकर(निवासी रसूलगढ़,थाना सारनाथ,जनपद वाराणसी)भी इस मामले में शामिल थे,लेकिन मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर ही पकड़े गए।गिरफ्तारी के बाद इंस्पेक्टर के खिलाफ थाना घूरपुर (कमिश्नरेट प्रयागराज) में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई।इंस्पेक्टर विनोद कुमार सोनकर मूल रूप से वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र के रसूलगढ़ निवासी हैं और 2012 में दरोगा से प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने थे।इससे पहले वे खुल्दाबाद और शाहगंज थानों में भी तैनात रह चुके हैं,जहां शिकायतों के आधार पर उन्हें हटाया गया था।यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है और पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई है। आगे की जांच जारी है।

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