रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और हाईटेक कैमरों से यातायात नियमों की निगरानी करने वाली वाराणसी ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।घर पर खड़ी निजी कार का चालान जारी होने का मामला सामने आया है।हैरानी की बात यह है कि चालान के साथ उपलब्ध तस्वीर में कथित तौर पर दूसरा वाहन दिखाई दे रहा है,जबकि चालान किसी अन्य वाहन के पंजीकरण नंबर पर जारी किया गया।ऐसे में सवाल उठता है कि कैमरों की निगरानी में यह चूक कैसे हुई और इसकी कीमत वाहन मालिक को क्यों चुकानी पड़ रही है?
दूसरे वाहन की गलती,निजी कार पर चालान की मार!
मामला वाहन स्वामी अरविंद कुमार गुप्ता की निजी कार संख्या UP65 DT 5656 से जुड़ा है। वाहन स्वामी के अनुसार,11 जुलाई 2026 को उनकी कार घर पर खड़ी थी।इसके बावजूद उनके वाहन का ई-चालान जारी कर दिया गया।जब उन्होंने चालान का विवरण और तस्वीर देखी,तो कथित तौर पर तस्वीर में *UP62 DT सीरीज का दूसरा वाहन* नजर आया।
वाहन मालिक का दावा है कि तस्वीर में दिखाई दे रहे वाहन और चालान में दर्ज पंजीकरण संख्या के बीच अंतर है।यदि यह अंतर जांच में सही पाया जाता है,तो यह ई-चालान प्रणाली की सटीकता और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
7 अक्टूबर को दिया प्रार्थना पत्र,समाधान का इंतजार
वाहन स्वामी ने इस मामले में 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस उपायुक्त यातायात,कमिश्नरेट वाराणसी को प्रार्थना पत्र सौंपकर चालान निरस्त करने की मांग की।उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।ऐसे में उन्हें गलत चालान को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
हाईटेक कैमरे,फिर पहचान में चूक कैसे?
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए लगाए गए कैमरों का उद्देश्य व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।लेकिन यदि तस्वीर में दूसरा वाहन दिखाई देने के बावजूद चालान किसी अन्य वाहन के नाम जारी हो जाए,तो पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सवाल यह है कि जब गलती तकनीकी प्रणाली या सत्यापन प्रक्रिया में हो सकती है,तो उसका खामियाजा आम नागरिक क्यों भुगते?
क्या यातायात विभाग तस्वीर और वाहन नंबर का मिलान कर शिकायत का शीघ्र निस्तारण करेगा?अब देखना यह है कि विभाग इस मामले की जांच कर चालान निरस्त करता है या वाहन मालिक को अपने निर्दोष होने का प्रमाण देने के लिए यूं ही परेशान होना पड़ेगा।

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