रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। काशी के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शुमार गोदौलिया में पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।थाना दशाश्वमेध क्षेत्र में बाइक खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद कथित तौर पर मारपीट,गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया।जंगमबाड़ी निवासी संजय बजाज की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता के मुताबिक बीते सोमवार की शाम करीब 8:30 बजे वह काशी चाट भंडार के बगल स्थित पान की दुकान पर गए थे।इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार रास्ते में बाइक खड़ी कर रहा था।संजय ने जब वाहन को लेकर आपत्ति जताई तो आरोप है कि मामला देखते ही देखते गरमा गया।शिकायत में काशी चाट भंडार के मालिक गोलू उर्फ किरारी और उसके छोटे भाई पर गाली-गलौज करने,मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।इतना ही नहीं,आरोप है कि उन्हें गोदौलिया क्षेत्र में दोबारा नहीं आने देने जैसी धमकी भी दी गई।सवाल यह है कि आखिर सड़क पर बाइक खड़ी करने से रोकना इतना बड़ा अपराध कैसे बन गया कि मामला कथित मारपीट और धमकी तक पहुंच गया?अगर रास्ते पर वाहन खड़ा करने को लेकर आपत्ति जताने वाले नागरिक को ही डराया-धमकाया जाएगा तो शहर में यातायात और कानून व्यवस्था कैसे कायम रहेगी?गोदौलिया में पहले से ही अतिक्रमण,अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या किसी से छिपी नहीं है।ऐसे में पार्किंग को लेकर होने वाले विवादों का हिंसक रूप लेना प्रशासन के लिए भी चेतावनी है।हालांकि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और विवेचना दारोगा विश्वास चौहान को सौंपी गई है।अब जांच में यह साफ होना बाकी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि काशी के प्रमुख बाजारों में पार्किंग की अव्यवस्था कब तक विवाद और दबंगई की वजह बनती रहेगी?प्रशासन को केवल मुकदमा दर्ज करने तक सीमित न रहकर ऐसे संवेदनशील इलाकों में पार्किंग और यातायात की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी,ताकि छोटी-सी कहासुनी अगली बार किसी बड़ी वारदात में तब्दील न हो।

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