रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में शिक्षिका के साथ हुई टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने खुलासा किया।पीड़िता प्रतिमा रानी (निवासी रानी कुंज, मकान संख्या 2/398 D-4, हनुमान मंदिर के पास) ने बताया कि 8 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 3:15 बजे काली मंदिर के पास चेतमणि दुकान के सामने से वे एक ऑटो में सवार हुई थीं।ऑटो में पहले से तीन महिलाएं बैठी थीं,जिन्होंने शातिराना अंदाज में उनका ध्यान भटकाया।सफर के दौरान उन महिलाओं ने कभी पैर दबाने तो कभी उल्टी होने का बहाना बनाकर शिक्षिका को बुरी तरह उलझाए रखा और बिना किराया लिए ही उन्हें आगे हनुमान मंदिर के पास उतार दिया।उतरने के बाद जब प्रतिमा रानी ने ध्यान दिया,तो उनके गले से सोने की चेन गायब थी।
शिक्षिका की शिकायत पर लालपुर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए इलाके के सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की।फुटेज के जरिए संदिग्ध ऑटो की पहचान की गई और उसके ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने ऑटो ड्राइवर को अपना मुखबिर बनाया और उसी की मदद से जाल बिछाकर गिरोह के चार मुख्य आरोपियों—बैजनाथ, सीमा, पिंकी और कौशल्या को गिरफ्तार कर लिया। यह शातिर गिरोह मूल रूप से गोरखपुर जिले का रहने वाला है।
पुलिस जांच में गिरोह के काम करने के अनोखे और शातिर तरीके का खुलासा हुआ है।यह अंतरजनपदीय गिरोह गोरखपुर से अपनी लक्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी से बनारस आता था और यहां लोकल ऑटो किराए पर लेकर घूमता था। गिरोह की महिलाएं घूंघट और मास्क पहनकर अपनी पहचान छिपाती थीं ताकि किसी को शक न हो। ये लोग मुख्य रूप से बुजुर्ग, असहाय और सोने के आभूषण पहनी महिलाओं को ऑटो में बैठाकर टप्पेबाजी की शिकार बनाते थे और घटना को अंजाम देने के बाद शाम को ही वापस गोरखपुर लौट जाते थे।इन आरोपियों पर आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी के कई थानों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से शिक्षिका प्रतिमा रानी की छीनी गई सोने की चेन सहित कुल 2 सोने की चेन, ₹27,000 नकद, 2 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली है।गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।



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