रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।सारनाथ थाना क्षेत्र के पुराने आरटीओ के पास 29 सितंबर की शाम कॉलेज से लौट रहे छात्र पर कथित रंगदारी न देने पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। चोलापुर निवासी आदित्य दुबे के अनुसार, उनका साथी दीपेंद्र यादव शाम करीब 4 से 4:15 बजे पुराने आरटीओ के पास से गुजर रहा था। आरोप है कि आर्यन यादव, प्रांजल यादव, प्रिंस यादव व प्रियांशु यादव समेत 10 से 15 अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया और रंगदारी के रूप में हर महीने पांच हजार रुपये देने का दबाव बनाया। रुपये देने से इनकार करने पर आरोपियों ने दीपेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने ईंट से हमला किया तथा उसकी जेब से 1,500 रुपये छीन लिए। छात्र का मोबाइल भी सड़क पर पटककर तोड़ने का आरोप है। इसके बाद सिर पर ईंट से किए गए वार में दीपेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया। दोस्तो व स्थानीय लोगों की मदद से उसे पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए लेढ़ूपुर स्थित निजी अस्पताल रेफर किया गया। सिर में गहरे घाव के कारण कई टांके लगाए गए और अंदरूनी चोट व रक्तस्राव की आशंका में सीटी स्कैन कराया गया। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आदित्य दुबे का आरोप है कि घटना के तत्काल बाद डायल-112 पर सूचना दी गई, लेकिन 112 पुलिस मौके पर पहुंचने के बाद बिना ठोस कार्रवाई किए लौट गई। उनका यह भी दावा है कि घटना से एक दिन पहले इन्हीं युवकों पर उनके साथी सुमित गुप्ता के साथ मारपीट कर सिर फोड़ने का आरोप लगा था और इसकी लिखित शिकायत भी पुलिस को दी गई थी। आरोप है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े और अगले ही दिन दीपेंद्र पर हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल दीपेंद्र यादव ने सारनाथ पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

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