कैंट थाने के उर्दू अनुवादक पर रिश्वतखोरी का शिकंजा:
रिपोर्ट: देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी।भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी में एंटी करप्शन (विजिलेंस) टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में तैनात एक उर्दू अनुवादक को जेएचवी (JHV) मॉल से ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।मामले में साड़ी व्यवसायी शाह मोहम्मद शारिक ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपी उर्दू अनुवादक वर्ष 2013 से लगातार उन्हें मुकदमों और गुंडा एक्ट में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा।कारोबारी के अनुसार,पारिवारिक एवं व्यापारिक विवाद के चलते उन पर पूर्व में कुछ मुकदमे दर्ज हुए थे,जिनका आरोपी ने वर्षों तक फायदा उठाया।
पीड़ित का आरोप है कि बीते 13 वर्षों में आरोपी ने डर और दबाव बनाकर करीब 7 से 8 लाख रुपये नकद वसूल लिए।इतना ही नहीं,वह कई बार उनकी फैक्ट्री से 25 से 30 महंगी साड़ियां बिना भुगतान के उठा ले जाता था।कारोबारी का यह भी आरोप है कि आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग के बारकोड भेजकर भी भुगतान करवाता था।कारोबारी के मुताबिक,हाल ही में आरोपी ने दोबारा गुंडा एक्ट में कार्रवाई कराने की धमकी देते हुए मामला समाप्त कराने के नाम पर ₹5 लाख की मांग की थी।साथ ही अपने रिटायरमेंट का हवाला देकर एक कार दिलाने का भी दबाव बना रहा था।लगातार हो रही कथित वसूली और प्रताड़ना से परेशान होकर कारोबारी ने आखिरकार एंटी करप्शन (विजिलेंस) टीम से संपर्क किया।शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया।तय योजना के तहत कारोबारी शनिवार को टोकन मनी के रूप में ₹20,000 लेकर जेएचवी मॉल पहुंचा।जैसे ही आरोपी उर्दू अनुवादक ने रुपये लिए,पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

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