सोशल मीडिया पर निजी संदेश और ऑडियो प्रसारित कर छवि धूमिल करने का आरोप
रिपोर्ट:देवेन्द्र पाण्डेय
वाराणसी। लालपुर-पाण्डेयपुर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने,10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने के मामले में पुलिस ने युवती समेत पांच नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में अधिवक्ता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।खजूरी (सुधाकर रोड) निवासी अधिवक्ता आशुतोष तिवारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि जून-जुलाई 2025 में महमूरगंज निवासी आकांक्षा ओझा ने विधिक सहायता लेने के बहाने फेसबुक के माध्यम से उनसे संपर्क किया था।बातचीत बढ़ने के बाद युवती की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्होंने उससे दूरी बना ली।
आरोप है कि इसके बाद युवती ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और आत्महत्या करने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया।शिकायत के मुताबिक, आकांक्षा ओझा और उसके भाई आदित्य ओझा ने अधिवक्ता के घर पहुंचकर तथा फोन के जरिए उन्हें और उनके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी।अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम और सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर उनके निजी संदेशों, ऑडियो और कथित मनगढ़ंत सामग्री को फेसबुक तथा एक्स पर प्रसारित कर उनकी सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
शिकायत में युवती के खिलाफ पूर्व में मुंबई के ओशिवरा थाने में भी विदेशी मुद्रा ऐंठने के आरोप में मामला दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस ने आकांक्षा ओझा, उसकी मां मंजू ओझा, भाई आदित्य ओझा, अनाहिता गोस्वामी, अवनीश त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(3), 356(2), 308(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।



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